डॉ. अनिल सिंघवी, MD · 35+ साल का अनुभव · मध्य प्रदेश के पहले हेमेटोलॉजी सेंटर के संस्थापकइंदौर में क्लिनिक आकर या वीडियो कॉल पर सलाह लें।
एनीमिया का मतलब है खून में लाल रक्त कण या हीमोग्लोबिन सामान्य से कम होना, जिससे शरीर तक ऑक्सीजन कम पहुँचती है। यह भारत में सबसे आम स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है, ख़ासकर महिलाओं और बच्चों में। सबसे आम कारण आयरन की कमी है, लेकिन विटामिन B12 या फ़ोलेट की कमी, पुरानी बीमारी, खून बहना, और थैलेसीमिया जैसी खानदानी बीमारियाँ भी एनीमिया कर सकती हैं।
सबसे ज़रूरी है कारण पता करना। बिना कारण जाने खून की कमी का इलाज करने से अंदर छिपी कोई गंभीर बीमारी दब सकती है। कारण पता चल जाए तो इलाज आम तौर पर आसान और बहुत असरदार होता है।
CBC (खून की पूरी जाँच) से एनीमिया पक्का होता है और इसके प्रकार का पहला अंदाज़ा मिलता है। आगे के टेस्ट (आयरन की जाँच, विटामिन B12 और फ़ोलेट, रेटिकुलोसाइट काउंट, और कभी-कभी हीमोग्लोबिन इलेक्ट्रोफ़ोरेसिस या बोन मैरो जाँच) से सही कारण पता चलता है। ज़रूरत हो तो हम छिपे हुए खून बहने की भी जाँच करते हैं।
इलाज कारण के हिसाब से होता है: आयरन की कमी में आयरन (गोलियाँ या नस से), B12 की कमी में विटामिन B12 के इंजेक्शन या गोलियाँ, और अंदर की बीमारी का ख़ास इलाज। बहुत ज़्यादा खून की कमी में खून चढ़ाना पड़ सकता है, जो आम तौर पर डे-केयर में होता है। सही इलाज के कुछ ही हफ़्तों में ज़्यादातर मरीज़ों को बहुत आराम मिलता है।
यह जानकारी सिर्फ़ आम जानकारी के लिए है, यह डॉक्टर से सलाह की जगह नहीं ले सकती। हर मरीज़ अलग होता है, और सही इलाज पूरी जाँच के बाद ही तय किया जा सकता है।
डॉ. अनिल बता रहे हैं कि बिना दवा के विटामिन D और B12 कैसे बढ़ाएँ।
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